मुकद्दर की किस अदालत में करें सिफारिश तुम्हारे लिए जब गुनाह भी तुम, सजा भी तुम...! मुकद्दर की किस अदालत में करें सिफारिश तुम्हारे लिए जब गुनाह भी तुम, सजा भी तु...
तुम कल्प, अल्प और विकल्प मेरे। तुम बिन एक कल्प गुजरा, निसदिन मैं कितना अल्प गुजरा। तुम कल्प, अल्प और विकल्प मेरे। तुम बिन एक कल्प गुजरा, निसदिन मैं कितना ...
छीनकर हाथ की रोटियाँ भी खा लेता है ये दोस्त कैसा जो मेरी भूख भी जान लेता है छीनकर हाथ की रोटियाँ भी खा लेता है ये दोस्त कैसा जो मेरी भूख भी जान लेता है
संग उसके खिलखिलाओ, बाहों में भर लो उसको। संग उसके खिलखिलाओ, बाहों में भर लो उसको।
पास ना होकर भी आप हमेशा साथ ही हो, इतनी दूर जाकर भी दिलों में सिर्फ आप ही हो, पास ना होकर भी आप हमेशा साथ ही हो, इतनी दूर जाकर भी दिलों में सिर्फ आप ...
मोहब्बत भी तुम हो इंकार भी तुम हो बेइंतहा प्यार का इज़हार भी तुम हो। मोहब्बत भी तुम हो इंकार भी तुम हो बेइंतहा प्यार का इज़हार भी तुम हो।